पटना , दिसंबर 18 -- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्य में अपराध अनुसंधान और साक्ष्य संग्रहण व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुये 34 नये चलंत फोरेंसिक वाहनों (मोबाइल फोरेंसिक वैन) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस इन मोबाइल फोरेंसिक वैन की मदद से साक्ष्य संकलन, संरक्षण और चेन ऑफ कस्टडी का पालन प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने या छेड़छाड़ की संभावना काफी हद तक कम होगी और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।

पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन 34 नये मोबाइल फोरेंसिक वैन में डीएनए सैंपल कलेक्शन किट, फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट लिफ्टिंग सिस्टम, साइबर फोरेंसिक टूल्स, दस्तावेज परीक्षण उपकरण, रक्त और शारीरिक द्रव संग्रह साधन, विस्फोट जांच किट, ड्रग डिटेक्शन किट, उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे और वीडियो डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से अपराध स्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किये जा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि नये आपराधिक कानूनों के तहत सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य की गई है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं और फोरेंसिक संसाधनों को लगातार सुदृढ़ कर रही है।

लोकार्पण समारोह में उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और मंत्री विजय कुमार चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक पारसनाथ समेत कई वरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

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