चंपावत , फरवरी 27 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी के धाम में ऐतिहासिक पूर्णागिरी मेले का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि देवताओं की भूमि है और प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 109 दिन चलने वाले इस मेले को वर्ष भर संचालित करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य तय किया गया है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी। इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाना है बल्कि पूरे चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना भी है।

उन्होंने कहा कि इस सर्किट से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को धार्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना माँ पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस सर्किट के तहत पूर्णागिरि धाम के साथ-साथ अन्य प्रमुख मंदिरों ऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और साहसिक गतिविधियों के केंद्रों को भी जोड़ा जाएगा। इस पहल से श्रद्धालु केवल माँ पूर्णागिरि धाम तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।

सरकार इस परियोजना को सफल बनाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण, मल्टी-लेवल पार्किंग और परिवहन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है जिससे श्रद्धालु और पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणाएं भी की जिनमें मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण, कालीगूठ-पूर्णागिरि के साथ ही विभिन्न मेला स्थलों का सौंदर्यकरण, पूर्णागिरि परिसर में विश्राम सेट एवं पुलिया निर्माण के साथ ही विभिन्न सड़कों और संपर्क मार्गों का सुधारीकरण और निर्माण शामिल है।

इसी बीच मुख्यमंत्री ने चम्पावत को 74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 64.95 करोड़ की 05 योजनाओं का लोकार्पण और09.59 करोड़ की 04 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर में बहल पेपर मिल द्वारा उपलब्ध कराये गये दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जनपद की स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित