रांची , फरवरी 06 -- झारखंड सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत गंभीर रोगों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत प्रदान की गई है।

झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुल 24 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 21 मरीजों को चिकित्सीय सहायता राशि स्वीकृत की गई।

स्वीकृत लाभार्थियों में धनवार (गिरिडीह) के इरशाद अंसारी, हुसैनाबाद (पलामू) की संगीता देवी, पाकुड़ की मेहरबानो खातून, गोमिया (बोकारो) के वैयुनंदन दुबे, बरवाडीह (लातेहार) की बेबी अनुष्का कुमारी, सरैयाहाट (दुमका) की सावित्री देवी, मेदिनीनगर (पलामू) के निवन ओझा, पत्थलगड़ा (चतरा) के सतीश कुमार सिन्हा, साहेबगंज सदर के मो. आसिफ आलम, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) के बेबी शिबम घोष, पथरगामा (गोड्डा) के बेबी मोनू कुमार महतो, धनबाद के नरेश शर्मा, मानगो, जमशेदपुर के सुमित कुमार तिवारी, कसमार (बोकारो) के चंद्रदीप नायक, बेरमो (बोकारो) के बेबी सूर्या कुमार यादव, निमडीह (सरायकेला-खरसावां) की रूपा सेन, डुमरी (गिरिडीह) के खिरोधर महतो, जमुआ (गिरिडीह) के प्रमोद कुमार यादव व महेंद्र प्रसाद यादव, डुमरी (गिरिडीह) के नरेश ठाकुर तथा चंद्रपुरा (बोकारो) के संदीप कुमार यादव शामिल हैं।

इन सभी मरीजों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। मरीजों का इलाज रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित राज्य के भीतर एवं वेल्लोर, वाराणसी जैसे राज्य से बाहर के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कराया जा रहा है।

वहीं डुमरिया (पूर्वी सिंहभूम) के शेख यूनुस, खूंटी की सरोजनी हस्सा और अमड़ापाड़ा (पाकुड़) की कोमल जायसवाल के मामलों में मरीजों की वर्तमान चिकित्सीय स्थिति का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि भविष्य में सभी आवेदनों के साथ मरीज की अद्यतन चिकित्सीय स्थिति, अस्पताल से प्राप्त अनुमान और सिविल सर्जन द्वारा सत्यापन अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए।

राज्य सरकार के इस निर्णय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती प्राप्त होगी।

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