दंतेवाड़ा , दिसंबर 19 -- नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जिला और पुलिस प्रशासन के प्रयास नई उम्मीद जगा रहे हैं। पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली अब कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।

जिला जनसंपर्क कार्यालय से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर की रहने वाली 30 वर्षीय जोगी पोडियाम ने वर्ष 2010 में नक्सल संगठन का दामन थामा था। संगठन में मिलिशिया और सप्लाई दल सदस्य के रूप में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने जुलाई 2025 में आत्मसमर्पण कर दिया। वर्तमान में वह दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में सिलाई मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण ले रही हैं। हाल ही में उन्होंने बस्तर ओलंपिक 2025 में रस्साकशी प्रतियोगिता में भाग लेकर सामाजिक जुड़ाव की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इसी तरह नारायणपुर जिले के 40 वर्षीय अजय अलामी ने वर्ष 2007 में नक्सल संगठन ज्वाइन किया था और जनताना सरकार अध्यक्ष जैसे पदों पर रहे। वर्ष 2022 में संगठन छोड़ने के बाद उन्होंने सितंबर 2025 में दंतेवाड़ा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। अजय वर्तमान में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण ले रहे हैं और बस्तर ओलंपिक में वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले चुके हैं।

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