चंडीगढ़ , मई 01 -- महाराष्ट्र के मुंबई में तरबूज खाने से एक मौत की मीडिया रिपोर्टों के बाद चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए शहर भर में तरबूज के नमूनों की जांच शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अधिकारियों को विभिन्न बाजारों से नमूने एकत्र करने के निर्देश दिये हैं।

इन नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए एफएसएसएआई से अधिसूचित और एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। साथ ही शहर के अलग-अलग सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात की गयी हैं, जहां मौके पर ही तरबूज की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।

मोबाइल इकाइयों से अब तक मिली प्रारंभिक रिपोर्टों में जांचे गये नमूनों में कृत्रिम रंग या अतिरिक्त चीनी की मिलावट नहीं पायी गयी है। विभाग मान्यता प्राप्त लैब से आने वाली विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

खाद्य जनित बीमारियों से बचाव के लिए विभाग ने नागरिकों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सड़क किनारे ठेलों, रेहड़ी बाजारों या खुले में बिक रहे कटे-छिले फलों का सेवन न करें। अधिक पके, चोटिल, खराब या असामान्य गंध और रंग वाले फल न खरीदें। सभी फलों को खाने से पहले साफ पेयजल से अच्छी तरह धो लें, भले ही उन्हें छीलकर खाना हो। कटे हुए फलों को ज्यादा देर तक न रखें, खासकर गर्म मौसम में तुरंत खा लें। फल केवल साफ-सुथरे और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें, जो स्वच्छता और उचित भंडारण का ध्यान रखते हों।

विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अस्वच्छ गतिविधि या मिलावट की आशंका पर " फूड सेफ्टी कनेक्ट" ऐप या एफएसएसएआई वेब पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है।

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