मुंगेली , अप्रैल 15 -- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। हथनीकला धान खरीदी केंद्र में पदस्थ प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत पर 2.54 करोड़ रुपये से अधिक के 8216.30 क्विंटल धान के गबन का आरोप लगा है।

मामले में सिटी कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा मुंगेली में पदस्थ पर्यवेक्षक भरत लाल कौशिक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कुल 8216.30 क्विंटल धान की हेराफेरी कर अमानत में खयानत की है। गबन किए गए धान की कीमत 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से दो करोड़ 54 लाख 70 हजार 530 रुपये आंकी गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर (सहकारिता शाखा) मुंगेली के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था। इस दल में नायब तहसीलदार चंदन दुबे, सहकारिता विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू, खाद्य निरीक्षक भानूप्रिया नंदकर, जिला सहकारी बैंक सरगांव के पर्यवेक्षक सुनील यादव तथा मंडी निरीक्षक शुभम पैकरा शामिल थे। जांच दल ने आठ अप्रैल को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जांच रिपोर्ट के अनुसार भौतिक सत्यापन के दौरान गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 9798.70 क्विंटल धान दर्शाया गया था, जबकि मौके पर केवल 7534 क्विंटल (18835 बोरी) धान ही उपलब्ध पाया गया। इसके अतिरिक्त 682.30 क्विंटल कम पाया गया। इस प्रकार कुल 8216.30 क्विंटल धान की कमी सामने आई।

धान की किस्म में भी बड़ा अंतर पाया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड में मोटा धान 261.60 क्विंटल एवं सरना धान 9537.10 क्विंटल दर्ज था, जबकि मौके पर मोटा धान 1260.40 क्विंटल एवं सरना धान मात्र 322 क्विंटल पाया गया। इस प्रकार मोटा धान 998.80 क्विंटल अधिक तथा सरना धान 9215.10 क्विंटल कम पाया गया।

जांच के दौरान कई अनियमितताएं भी सामने आईं, जिनमें कंप्यूटर ऑपरेटर की अनुपस्थिति में डेटा एंट्री, बारदाना प्रभारी की गैरमौजूदगी में धान की लोडिंग एवं रख-रखाव, तथा आरोपी और उसके पिता द्वारा अनियमित तरीके से कार्य संचालन शामिल हैं।

जांच के दौरान आरोपी विक्रम सिंह राजपूत तीन-चार दिनों से अनुपस्थित पाया गया तथा उसका मोबाइल फोन बंद मिला। घर पर नोटिस चस्पा किए जाने के बावजूद उसके उपस्थित नहीं होने पर संदेह और गहरा गया।

सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा 10 अप्रैल को अंतिम अवसर देकर जवाब मांगा गया था लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके पश्चात नोडल अधिकारी के निर्देश पर सोमवार को सिटी कोतवाली थाना मुंगेली में प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और घोटाले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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