मुंगेर , फरवरी 28 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में शनिवार को 'राजस्व प्रशासन आपके द्वार' कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने की। उन्होंने अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रशासनिक क्षमता का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने भू-राजस्व पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) और बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए चैट जीपीटी, ग्रोक सहित अन्य एआईटूल्स का उपयोग करें जिससे तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से कार्य में पारदर्शिता और गति आये। इस संबंध में विभाग द्वारा एक पत्र भी निर्गत किया जा चुका है कि राजस्व न्यायालयों में आदेश पारित करते समय अधिकारियों को एआई टूल्स का स्वविवेकपूर्ण इस्तेमाल करना चाहिये।

प्रधान सचिव ने कार्यालयों में व्याप्त मुंशी और दलाल प्रथा को समाप्त करने के लिए पूर्व में जारी विभागीय निर्देशों का उल्लेख करते हुए इसे सामाजिक बुराई करार दिया और सख्ती से रोकने को कहा।

कार्यक्रम के तहत सचिव गोपाल मीणा ने पीपीटी के माध्यम से प्रधान सचिव तथा मुंगेर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा को मुंगेर जिले के परिमार्जन प्लस के आवेदनों की प्रगति, दाखिल-खारिज/नामांतरण वादों की स्थिति, भूमि विवादों के निष्पादन, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित मामलों, भूमि मापी की प्रगति, राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली से अवगत करवाया।

इस दौरान राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति की मुंगेर जिले में प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मुख्यालय से आये सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग अंचल आवंटित किये गये तथा सभी को अलग-अलग अंचलों की समीक्षा के लिए भी भेजा गया।इसके बाद निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा जिले की सर्वे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई।

प्रधान सचिव ने इस दौरान बताया कि राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। इसे लेकर उन्होंने सर्वे अमीनों को प्रतिदिन अपनी कार्य डायरी भरकर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया। पहले यह प्रविष्टि साप्ताहिक आधार पर होती थी, जिसे अब दैनिक किया गया है, जिससे मुख्यालय को नियमित प्रतिवेदन प्राप्त हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित