काहिरा/नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने शुक्रवार को कहा कि मिस्र और रूस के संबंधों में हाल के वर्षों में बड़ी प्रगति हुई है तथा यह संबंध अब ऐसे रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुँच गया है, जिसके नतीजे ज़मीनी स्तर पर साफ देखे जा सकते हैं।
श्री अब्देलाती ने काहिरा में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने श्री लावरोव का स्वागत करते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक और मज़बूत रिश्तों की सराहना की।
मिस्र के विदेश मंत्री ने 'रूस-अफ्रीका साझेदारी मंच' के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की मेजबानी का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे मिस्र, रूस और अफ्रीका के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि श्री लावरोव शनिवार को राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और अन्य मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगे।
श्री अब्देलाती ने कहा कि दोनों देशों का द्विपक्षीय संबंध दोस्ती और आपसी सम्मान पर टिका हुआ है। उन्होंने 'दबा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके पहले रिएक्टर का काम पूरा होना इस बड़े प्रोजेक्ट की एक बड़ी उपलब्धि है।
विदेश मंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति अल-सिसी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद इस परियोजना के उद्घाटन समारोह के गवाह बने थे, जो यह दिखाता है कि दोनों देश तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए कितने गंभीर हैं।
दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, खेती, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्वेज नहर के निकट बनाए जा रहे 'रूसी औद्योगिक क्षेत्र' पर भी बात की गई। श्री अब्देलाती ने कहा कि यह साझेदारी सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच की गहरी दोस्ती है।
श्री अब्देलाती ने क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करते हुए फिलिस्तीन के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने गाजा में युद्धविराम और मानवीय मदद पहुँचाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि फिलिस्तीन के मौजूदा हालात को और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने 1967 की सीमाओं के आधार पर और पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की मांग को फिर से दोहराया।
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने सम्मेलन की मेजबानी के लिए मिस्र का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि रूस, मिस्र के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाने को तैयार है। साथ ही उन्होंने परमाणु संयंत्र और औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे काम की तारीफ की।
श्री लावरोव ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार 31 प्रतिशत बढ़कर 9.3 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। उन्होंने 'अस्वान बांध' को दोनों देशों की पुरानी और अटूट दोस्ती का प्रतीक बताया और कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करना जारी रखेंगे।
रूसी विदेश मंत्री ने गाजा के मुद्दे पर कहा कि रूस और मिस्र की राय एक है। दोनों देश तुरंत युद्धविराम चाहते हैं और कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में हैं। उन्होंने सीरिया, यमन, सूडान और लीबिया में भी तनाव कम करने की ज़रूरत पर बल दिया।
श्री अब्देलाती ने जानकारी दी कि मिस्र, गाजा में शांति के दूसरे चरण को लागू करने के लिए अमेरिका, कतर और तुर्की जैसे देशों के साथ लगातार संपर्क में है।
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