मिर्जापुर , मार्च 23 -- विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल नवरात्र मेला मां विंध्यवासिनी के जयकारों से गूंज रहा है। मेले में अब तक 23 लाख से अधिक दर्शनार्थी मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं और अनुमान है कि मेले की समाप्ति तक यह संख्या 40 लाख से पार जा सकती है।
नौ दिन के मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारी भीड़ को देखते हुए रविवार को प्रदेश पुलिस प्रमुख राजीव कृष्णा अचानक मेले में पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार मेले पर नजर बनाए हुए हैं।
श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी देवी के साथ ही विंध्य पर्वत पर स्थित मां काली और अष्टभुजा देवी की प्रसिद्ध त्रिकोण परिक्रमा कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए मंदिर को चौबीस घंटे दर्शन और पूजन के लिए खोलने का निर्णय लिया है।
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने पटना और लखनऊ से दो अनारक्षित गाड़ियां चलायीं और विंध्याचल स्टेशन पर दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया। राज्य सड़क परिवहन निगम ने 200 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई हैं।
मेलाधिकारी अवनीश सिंह ने बताया कि शनिवार और रविवार को ही 15 लाख से अधिक दर्शनार्थी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब तक कुल 23 लाख से अधिक लोग मेले में आ चुके हैं और यदि यह क्रम जारी रहा तो संख्या 40 लाख से अधिक हो जाएगी।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मेला क्षेत्र को 3 सुपरजोन, 10 जोन और 21 सेक्टर में बांटकर व्यवस्था की गई है। पूरे मेले में चार हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। भगदड़ से बचाव के लिए जगह-जगह वैरियर लगाए गए हैं और क्षमता से अधिक भीड़ परिसर में प्रवेश न कर सके, इसकी व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता ली जा रही है। गंगा नदी घाटों पर भी विशेष निगरानी बरती जा रही है।
मेलाधिकारी ने बताया कि रविवार को दिल्ली से आई एक महिला की मेले में मृत्यु हो गई। इसके अलावा मेले में वीआईपी व्यक्तियों का आवागमन जारी है, जिनमें मंत्री, नौकरशाह और न्यायमूर्ति शामिल है।
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