मियामी , मार्च 28 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सैन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अगला नंबर क्यूबा का है।
मियामी में सऊदी समर्थित एक व्यावसायिक मंच पर ईरान के साथ संघर्ष में ट्रंप ने संकेत दिया कि हवाना पर वाशिंगटन दबाव बढ़ा सकता है या संभावित कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा, "और वैसे, क्यूबा अगला है," हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका कौन से कदम उठा सकता है, जबकि क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
श्री ट्रंप ने हाल के दिनों में वेनेजुएला में अमेरिकी कदमों और जारी ईरान संघर्ष के बाद हवाना पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं, हालांकि उन्होंने किसी संभावित योजना का विवरण नहीं दिया है।
वह क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कानेल को वाशिंगटन के साथ किसी समझौते की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऐसे किसी समझौते की रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं है।
श्री ट्रंप ने फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव में संबोधन के दौरान मुख्य रूप से ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई के लाभों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही नाटो की आलोचना भी की और कहा कि उसने तेहरान के खिलाफ वाशिंगटन के अभियान का पर्याप्त समर्थन नहीं किया।
उन्होंने कहा, "47 वर्षों से ईरान पश्चिम एशिया का दबंग माना जाता रहा है, लेकिन अब वह दबंग नहीं रहा। वह पीछे हट रहा है," जिस पर सभा में हल्की तालियां बजीं। उन्होंने दोहराया कि यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नहीं होती तो ईरान "दो से चार सप्ताह" के भीतर परमाणु हथियार विकसित कर लेता और पहले के हमलों ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को पीछे धकेल दिया है।
उन्होंने सऊदी प्रतिभागियों को इस अभियान की आवश्यकता के बारे में समझाने की कोशिश करते हुए कहा, "वे इसका इस्तेमाल आप पर, इज़राइल पर और सभी पर करते।" श्री ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि दूसरे कार्यकाल से पहले सऊदी नेतृत्व ने उन्हें कम आंका था।
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