रायपुर , फरवरी 12 -- छत्तीसगढ़ में रायपुर की एक अदालत ने अपने मित्र को ट्रेन के सामने धकेलकर उसकी जान लेने की कोशिश करने वाले दो युवकों को आज दोषी करार देते हुए उन्हें दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने पीड़ित को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भी अनुशंसा भेजी है।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश दिग्विजय सिंह की अदालत में हुई। खमतराई थाना पुलिस द्वारा प्रस्तुत केस डायरी, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों अशोक मंडल (32) और ईश्वर सागर (25) को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी पाया।
घटना 16 सितंबर 2022 की रात लगभग 11 बजे गणेश नगर स्थित रेलवे पटरी के समीप की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार पैसों के विवाद को लेकर दोनों आरोपियों ने अपने मित्र राहुल साहू को चलती ट्रेन की ओर धक्का दे दिया। इस गंभीर घटना में राहुल बुरी तरह घायल हो गया और ट्रेन की चपेट में आने से उसका एक पैर कट गया।
घायल को तत्काल अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों को उसका पैर घुटने के ऊपर तक काटना पड़ा। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
न्यायालय ने अपने आदेश में पीड़ित के पुनर्वास और उपचार को ध्यान में रखते हुए मुआवजा प्रदान करने की अनुशंसा भी की है।
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