ऐजल , जनवरी 26 -- मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने बुनियादी ढांचे में अहम उपलब्धियों और शासन सुधारों को रेखांकित करते हुए गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को कहा कि राज्य बेहतर संपर्क, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संस्थागत सुधारों के कारण विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
राज्यपाल 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद यहां लामुआल ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद परेड टुकड़ियों ने राज्यपाल को सलामी देकर तिरंगे को सलामी दी और फिर राज्यपाल ने अपना संबोधन दिया।
संविधान को अपनाए जाने के 76 वर्ष पूरे होने की याद दिलाते हुए राज्यपाल सिंह ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि संविधान आज भी राष्ट्र की सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने इसके उद्देश्यों को अक्षरशः और भावनात्मक रूप से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्य सरकार की प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने 'हैंड होल्डिंग स्कीम (बना काई)' के तहत लाभार्थियों को दिए गए ऋण और सहायता तथा मुख्यमंत्री विशेष पैकेज अनुदान के वितरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का द्वितीय चरण प्रगति पर है और चालू वित्त वर्ष में इसके लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2025 में बैराबी-सैरांग रेल लाइन के उद्घाटन को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा और मिजोरम के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 20 मई 2025 को मिजोरम को देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाना एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि मिजोरम देश के सबसे शांतिपूर्ण राज्यों में बना हुआ है, जिसका श्रेय प्रभावी पुलिसिंग और प्रवर्तन को जाता है। उन्होंने बताया कि अभियोजन निदेशालय की स्थापना की गई है और अप्रैल 2025 से अब तक 816 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, 17.8 करोड़ रुपये मूल्य की सुपारी और 42 हथियार जब्त किए गए हैं। इस दौरान 217 आपराधिक मामले दर्ज कर 338 गिरफ्तारियां की गईं। आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग ने 474 किलोग्राम प्रतिबंधित ड्रग्स जब्त कीं, 611 अपराधियों पर कार्रवाई की और मिजोरम लिकर (निषेध) संशोधन अधिनियम एवं नियम, 2025 लागू कर 1.69 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
कल्याण और बुनियादी ढांचे पर राज्यपाल ने 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना और पीडीएस आधुनिकीकरण की प्रगति का उल्लेख किया। सैरांग में 1,500 टन क्षमता के गोदाम के निर्माण तथा वैरेंगटे और कन्हमुन में ऑनलाइन सीमा चौकी मॉड्यूल की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने खावथलांगतुइपुई - तुइचावंग अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजना को मंजूरी दी है और तीन नए जिलों में डीटीओ कार्यालय स्थापित किए गए हैं।
पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि अक्टूबर तक चार लाख से अधिक पर्यटक मिजोरम आए। राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में 'इमर्जिंग ईको एंड नेचर रिट्रीट अवॉर्ड' मिला है। स्वदेश दर्शन 2.0, प्रशाद, पीएम एकता मॉल सहित विभिन्न परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मिजो संस्कृति को प्रदर्शित करने वाला 'लाइव म्यूज़ियम' भी सराहा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों के पैनल में शामिल होने की जानकारी दी। आठ विभागों को प्लैटिनम श्रेणी का एनक्यूएएस प्रमाणन मिला, जबकि नवंबर 2025 तक 94 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हुआ। वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें स्थान पर रही और राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित हुई। राज्य कैंसर अस्पताल में सीटी सिम्युलेटर सहित नई सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं।
शिक्षा, कौशल विकास और शासन सुधारों में मिजोरम राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 का पारित होना, पुकपुई में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना, समग्र शिक्षा के तहत स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत और आईटीआई आइजोल में डेटा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का उद्घाटन शामिल है। ई-ऑफिस, डिजिटल फसल सर्वे, सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण और ड्रोन सर्वे के जरिए भूमि जियो-रेफरेंसिंग जैसे सुधारों का भी उल्लेख किया गया।
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