बैतूल , फरवरी 8 -- बैतूल जिले के ग्राम मालवर में मांझी अंतरराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संस्था के तत्वावधान में शनिवार से तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस आयोजन में कांगे मांझी संस्था नई दिल्ली की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजमाता फुलवतीदेवी कांगे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सम्मेलन का उद्देश्य आदिवासी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना और राष्ट्रहित में योगदान को सशक्त बनाना बताया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजमाता फुलवतीदेवी कांगे ने कहा कि आदिवासी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसकी आवाज प्रभावी रूप से शासन और प्रशासन तक नहीं पहुंच पाएगी। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही आदिवासी संस्कृति, परंपराओं तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मेलन में जनपद पंचायत अध्यक्ष राहुल उइके, घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज से जुड़ी समस्याओं, किसानों की चुनौतियों, सैनिकों के सम्मान और सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

आयोजकों के अनुसार यह तीन दिवसीय सम्मेलन 9 फरवरी तक चलेगा, जिसमें सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ संस्था की भावी कार्ययोजना पर परिचर्चा सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के माध्यम से आदिवासी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों के संरक्षण और समग्र विकास की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

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