सिलीगुड़ी , अप्रैल 04 -- पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में मुख्य आरोपी मोफ़क्करुल इस्लाम को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उसके सहयोगी एकरामुल को भी कई दिनों की पुलिस हिरासत में रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दोनों आरोपियों से बुधवार को मोथाबारी में हुई हिंसा के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।

दोनों को शुक्रवार को सीआईडी और सिलीगुड़ी पुलिस ने पकड़कर मालदा पुलिस को सौंपा था, जिसने उन्हें मोथाबाड़ी और कालियाचक में हुई हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया।

इस्लाम के खिलाफ कालियाचक थाने में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पश्चिम बंगाल हाईवे एक्ट की धारा 18 के तहत केस दर्ज हुआ है।

इस बीच, एनआईए की टीम, जो शुक्रवार को मोथाबाड़ी पहुंची थी, ने शनिवार को भी जांच जारी रखी और घटना से जुड़े कई स्थानों का दौरा किया।

जांच टीम ने सबसे पहले कालियाचक-II ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) से जांच शुरू की और बाद में मोथाबाड़ी थाने का निरीक्षण किया। दोपहर में एनआईए अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यालय का भी दौरा किया।

सूत्रों के अनुसार, एनआईए टीम ने बुधवार रात हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं की गहन जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि बुधवार को कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में मोथाबाड़ी में तनाव फैल गया था। नाराज मतदाताओं ने पूरे दिन सड़क जाम कर अपने मतदान अधिकार बहाल करने की मांग की।

रात में प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ कार्यालय का कई घंटों तक घेराव किया। इस दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को परिसर के अंदर बंधक बना लिया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

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