गरियाबंद , मार्च 24 -- छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के ग्राम अतरमरा स्थित प्रसिद्ध मारिया देवालय मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर अमेरिका-कनाडा से आए श्रद्धालुओं ने भी ज्योति दीप जलाए।

स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, मारिया देव को ब्रह्मचारी देवता के रूप में पूजा जाता है, जो न केवल गांव बल्कि पूरे क्षेत्र के आराध्य देव माने जाते हैं। मान्यता है कि संकट की घड़ी में सच्ची श्रद्धा से प्रार्थना करने पर मारिया देव भक्तों की समस्याओं का समाधान करते हैं, जिससे लोगों में उनके प्रति अटूट विश्वास बना हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि मारिया महाराज प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भक्तों की सहायता करते हैं। यही कारण है कि अब इस छोटे से गांव का यह देवालय छत्तीसगढ़ सहित मुंबई, उत्तर प्रदेश, हैदराबाद और विदेशों तक अपनी पहचान बना चुका है। श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और ज्योति दीप जलाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

इस देवालय की एक विशेषता यह भी है कि मारिया देव की प्रतिमा मंदिर में स्थापित नहीं है। उनके वाहन और अस्त्र-शस्त्र की ही पूजा की जाती है, जबकि मान्यता है कि वे अदृश्य रूप में निवास करते हैं। बताया जाता है कि वे मंदिर के बजाय घास-फूस से बनी झोपड़ी में विराजते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार मंदिर निर्माण का प्रयास किया गया, लेकिन निर्माणाधीन संरचना स्वतः क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिसे श्रद्धालु दिव्य संकेत मानते हैं।

चैत्र नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस देवालय की ख्याति और आस्था के विस्तार को दर्शाती है।

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