संभलपुर , दिसम्बर 23 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ओडिशा और राजस्थान की आध्यात्मिक आस्था, संस्कृति और विचारों में समानता बताया है और कहा है कि मारवाड़ी समाज ने कड़ी मेहनत से ओडिशा के लोगों को भी अपना बनाया और वे त्याग, सेवा और समर्पण से देश एवं दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं।
श्री बिरला सोमवार रात ओडिशा के संबलपुर में मारवाड़ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा आध्यात्मिक, धर्म, संस्कृति, संस्कार, साहित्य और देश की आजादी के लिए लड़ने वालों की भूमि है। उन्होंने कहा कि शौर्य और वीरता की धरती राजस्थान से यहां आये मारवाड़ी समाज का अपनी मातृभूमि से गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ओडिशा की धरती पर अपने कर्म और श्रम से अमूल्य योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान और ओडिशा का गहरा संबंध भी है। दोनों की आध्यात्मिक आस्था, संस्कृति और विचारों में समानता है। मारवाड़ी समाज ने कड़ी मेहनत से यहां के लोगों को भी अपना बनाया है। उन्हाेंने कहा कि मारवाड़ी समाज जन्मस्थली से जुड़कर कर्मस्थली पर सामाजिक दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आपदा और संकट की घड़ी में मारवाड़ी समाज सदैव सहयोग के लिए आगे रहता है। इन्होंने शिक्षा के लिए विद्यालय खोले, चिकित्सालय और धर्मशालायें भी बनायीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को अपनी जन्मस्थली से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। इसी कड़ी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में सभी अपना सकारात्मक सहयोग दें।
इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के लिए राजस्थान और ओडिशा में निवेश के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ महोत्सव के आयोजन से हमारी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी।
श्री शर्मा ने कहा कि देश-दुनिया में मारवाड़ी अपनी संस्कृति को संरक्षित कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार के कार्य कर सभी जगह मेहनत और ईमानदारी से राजस्थान की मिट्टी की खुशबू को फैला रहे हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता, लोक परंपरा और भारतीय गौरव का अद्वितीय संगम है। साथ ही, राजस्थान की लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और खानपान को एक मंच पर लाकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को एक माला में पिरोने का सशक्त प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गत 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया, जिसमें राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़कर अब 40 हो गयी है। मारवाड़ी समाज अपनी कर्मभूमि के साथ ही मातृभूमि के लिए भी काम करें। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की मदद के लिए हमारी सरकार ने सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाई-बहन चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, मारवाड़ की अजेय भावना, शेखावाटी का उद्यमी जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता साथ लिये चलते हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज के परिश्रम से राजस्थान और ओडिशा साथ आगे बढ़ेंगे।
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