चंडीगढ़ , मार्च 19 -- पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद सुलजिंदर सिंह रंधावा ने नशे के साथ आम आदमी पार्टी (आप) के सरपंचों की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा इसलिए सरेआम बिक रहा है, क्योंकि सरकार के अपने लोग ही इसमें शामिल हैं।
श्री रंधावा ने गुरुवार को चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को 'नशे के खिलाफ युद्ध' के बजाय 'नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान' शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं और जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। श्री रंधावा ने हालिया गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि अमृतसर के गांव कोट हिरदाराम के सत्ताधारी दल के सरपंच लवप्रीत सिंह को उसके दो साथियों सहित 4.3 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से एक .30 बोर पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद हुए हैं। गत सप्ताह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने तरनतारन के गांव कलसिया के 'आप' सरपंच परमजीत सिंह को 18 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था, जिसके तार पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े होने का आरोप है।
पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 'आप' के चार साल के कार्यकाल में नशे की तस्करी 'ग्राम' से बढ़कर 'किलोग्राम' तक पहुंच गयी है। उन्होंने कहा, "यह वही सरकार है जिसने चार हफ्तों में नशा खत्म करने की कसम खायी थी, लेकिन आज चार साल बाद इनके अपने सरपंच और पार्टी पदाधिकारी हेरोइन की तस्करी कर रहे हैं। बिना सरकारी संरक्षण के इतनी बड़ी मात्रा में नशा बेचना मुमकिन नहीं है।"श्री रंधावा ने कहा कि सरकार की 'नशे के खिलाफ जंग' केवल अखबारों और टीवी चैनलों में विज्ञापन देने तक सीमित है, जबकि असलियत में पंजाब का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है।
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