रामनगर , दिसंबर 27 -- उत्तराखंड के रामनगर में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और न्यूनीकरण को लेकर शनिवार को एक जन जागरुकता बैठक आयोजित की गयी।

फील्ड निदेशक , कॉर्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर (नैनीताल) के निर्देशन में तथा उप निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर की अध्यक्षता में आज ढेला रेंज के अंतर्गत वन परिसर सावल्दे में एक जन-जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रभाग दिवस के अवसर पर ग्राम सावल्दे पूर्व एवं सावल्दे पश्चिम के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों के साथ संपन्न हुई।

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को शीतकाल के दौरान वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

इस मौके पर ग्रामीणों से अपील की गई कि वे लकड़ी, चारापत्ती और अन्य वन उत्पाद एकत्र करने के लिए वन क्षेत्र में प्रवेश न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश न केवल लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है, बल्कि इससे वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार भी प्रभावित होता है। विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की वन्यजीव गतिविधि या संघर्ष की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक किया गया कि अफवाहों से बचें और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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