जगदलपुर , दिसंबर 10 -- मानव अधिकार दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर एवं दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में जिले भर से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, किशोरी बालिकाएं और ग्रामीण महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
जिला पीआरओ से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में मिशन शक्ति, नवाबिहन और सखी जैसी योजनाओं के संयुक्त प्रयास से किया गया। मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों से अवगत कराना रहा।
विशेष सत्रों में महिलाओं को लिंग आधारित हिंसा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध, 'टोनही' प्रताड़ना और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न सहायता संस्थानों की भूमिका से भी अवगत कराया गया।
बालिकाओं के लिए 'गुड टच-बैड टच' पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें सुरक्षित व्यवहार, अनुचित स्पर्श की पहचान और मदद लेने के तरीकों के बारे में समझाया गया। इसके अलावा, महिलाओं को नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, पालना केंद्र, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन (181), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इनका लाभ उठाने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी बताया।
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