भोपाल , दिसंबर 30 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम में प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और नमो ड्रोन योजना से लाभान्वित महिलाओं के साथ आत्मीय चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मातृ सत्तात्मक संस्कृति और सनातन परंपरा में नारी सम्मान के महत्व को रेखांकित किया और प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की बहनें आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक रूप से सक्षम बन रही हैं।
कार्यक्रम में बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिसकी सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने उसे 51 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के संवाद आगामी माहों में भी जारी रहेंगे।
डॉ. यादव ने अपनी सफलता में बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव के योगदान को याद करते हुए कहा कि मां और बहन के संस्कार और प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है और दोनों को समान सम्मान मिलता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं और महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिला उद्यमियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है और स्टार्ट-अप्स के माध्यम से महिलाएं नेतृत्व और रोजगार के अवसर पा रही हैं।
डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में रतलाम जिले का उदाहरण भी दिया, जहाँ महिलाएं कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं की प्रगति और प्रशासन में उनकी भूमिका पर संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं ने अपने अनुभव, चुनौतियाँ और नवाचार साझा किए। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक्सटाइल, ब्रॉडकास्टिंग, उद्यमिता और कृषि से जुड़ी महिलाएं शामिल थीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं की सफलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक योगदान को सराहा और कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर नीतिगत और प्रशासनिक समर्थन देती रहेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित