बैतूल , मई 6 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर की माचना नदी में तेजी से फैल रही जलकुंभी की समस्या पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों से 8 मई तक जवाब मांगा है।

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-द्वितीय की अदालत में दायर निष्पादन प्रकरण में यह निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 10 फरवरी 2023 को स्थायी लोक अदालत ने करबला घाट से गंज क्षेत्र तक फैली जलकुंभी हटाने के आदेश जारी किए थे।

आदेश में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद बैतूल, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कलेक्टर तथा पर्यावरण विज्ञान अनुसंधान निदेशालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

इस पर अधिवक्ता गिरीश गर्ग के माध्यम से पुनः न्यायालय में निष्पादन प्रकरण दायर किया गया। आवेदन में कहा गया है कि जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव से नदी का जल प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है।

इसके अलावा नदी में ऑक्सीजन की कमी, जल गुणवत्ता में गिरावट और जल स्तर घटने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। नगरपालिका के अपशिष्ट जल और अस्थायी बांधों को भी स्थिति बिगड़ने का कारण बताया गया है।

गर्मी के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे बदबू और प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न होती है। अब 8 मई को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित