प्रयागराज , फरवरी 19 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित माघ मेला के समापन के बाद मेला क्षेत्र में गंदगी फैलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जगह-जगह पुआल के ढेर लगे हुए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि सफाई कर्मियों द्वारा पुआल को हटाने के बजाय मेला क्षेत्र में ही जलाया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है। आरोप है कि इस तरह पुआल जलाना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का उल्लंघन है। हालांकि इस संबंध में मेला प्रशासन के अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
मेला समाप्त होने के बाद क्षेत्र की साफ-सफाई की जिम्मेदारी प्रयागराज मेला प्राधिकरण की होती है। वर्ष 2023 तक यह दायित्व स्वास्थ्य विभाग के पास था, लेकिन व्यवस्थाओं में बदलाव के बाद यह जिम्मेदारी मेला प्राधिकरण को सौंपी गई है। इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 15 फरवरी (महाशिवरात्रि स्नान पर्व) तक 44 दिनों तक चला। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मेले के दौरान लगभग 22 करोड़ 10 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
मेला समाप्त होने के बाद अब क्षेत्र में कूड़ा और अवशेषों का अंबार लगने की शिकायतों के बीच स्थानीय नागरिकों ने शीघ्र समुचित सफाई अभियान चलाने की मांग की है, ताकि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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