प्रयागराज , दिसंबर 17 -- प्रयागराज में संगम की रेती पर तीन जनवरी से माघ मेले की शुरूआत हो जाएगी मगर अभी मेले की तैयारियां तय समय सीमा के पीछे बहुत पीछे चल रही हैं। नवंबर में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद प्रयागराज पहुंचे थे तो उन्होंने मेला प्राधिकरण कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की साथ समीक्षा बैठक की थी और स्पष्ट निर्देश दिया था कि 15 दिसंबर तक माघ मेले का कार्य पूरा करा लिया जाए। मुख्यमंत्री की यह डेडलाइन बीत चुकी है लेकिन मेला क्षेत्र में तैयारियां अभी बहुत पीछे चल रही हैं।

अपर मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद ने दावा किया है कि माघ मेले का ओवरऑल काम 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है बाकी कार्य दिसंबर के आखिरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। हकीकत तो यह है कि अभी तक मेला क्षेत्र में कई जगहों पर जमीन दलदल है। समतलीकरण का कार्य चल ही रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि तीन जनवरी से पहले कार्य पूरा हो पाएगा या स्थिति यूं ही बनी रहेगी।

पीडब्ल्यूडी की ओर से नौ पांटून पुल बनने हैं जिसमें 7 पांटून पुल बन चुके हैं बाकी 2 पांटून पुलों के बनाए जाने का कार्य जारी है। जमीन समतलीकरण का कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा करा लिया गया है।मेला क्षेत्र में 160 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट में बनना है जिसमें 130 किमी का कार्य पूरा हो चुका है। वही अगर बात जल निगम की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए 242 किमी. की पाइपलाइन बिछायी जानी है जिसमें 198 किमी पाइप लाइन कार्य पूरा हो गया।उप्र पावर कारपोरेशन की ओर से 47 किमी. 2एचीटी एवं 350 किमी. एलटी लाइन बिछायी जानी है जिसमें से 45 किमी. एचटी एवं 322 किमी. एलटी लाइन बिछायी जा चुकी है।बिजली आपूर्ति के लिए मेला क्षेत्र में 25 अस्थायी सब स्टेशन बनाए जाने हैं जिसमे से अभी तक 19 सब स्टेशन बनाये जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2 अस्पताल 20-20 बेडका अस्पताल का काम भी जोरो पर चल रहा है।

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