पटना , जनवरी 30 -- माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये पटना जिला प्रशासन ने एक फरवरी को सरकारी कार्यों में लगी नावों को छोड़कर नदियों में किसी भी प्रकार की नाव के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने इस आदेश का सख़्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुये कहा है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। प्रशासन ने पर्व के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुये सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, सुरक्षा और विधि- व्यवस्था बनाये रखने के लिये विशेष व्यवस्था की है।

जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, स्पेशल मोबाइल टीम और रिवर पेट्रोलिंग टीम की तैनाती की गई है। नदी घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं।

प्रशासन ने जिले के विभिन्न अनुमंडलों में स्थित नदी घाटों को कई सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर में दो- दो मोटर बोट, आवश्यक संसाधनों के साथ गोताखोरों और जवानों सहित कुल आठ राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नदियों और तालाबों के घाटों पर लाइफ जैकेट, नाव, नाविक और गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिये गये हैं। किसी भी आपात स्थिति या संदेहास्पद गतिविधि की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810 / 2219234), जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (0612-2210118) या आपात नंबर सेवा 112 पर दी जा सकती है।

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