कन्नूर , जनवरी 26 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जिला सचिव के के राघेश ने सोमवार को वेल्लूर के जिला समिति सदस्य एवं पय्यनूर क्षेत्र के पूर्व सचिव 75 वर्षीय वी कुन्हीकृष्णन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
यह फैसला एक मीडिया को उनके दिये विवादित साक्षात्कार के बाद उठाया गया है। इसमें उन्होंने धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
जिला सचिवालय की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। इसमें राज्य के नेता भी शामिल हुए थे।
संवाददाता सम्मेलन में फैसले की जानकारी देते हुए श्री राघेश ने बताया कि 23 जनवरी को एक मीडिया को दिये गये साक्षात्कार में श्री कुन्हीकृष्णन के लगाये गये गंभीर और बेबुनियाद आरोपों के खिलाफ यह कार्रवाई की गयी है।
उन्होंने श्री कुन्हीकृष्णन पर आने वाले चुनावों से पहले पार्टी की छवि खराब करने के लिए राजनीतिक एजेंडे के तहत काम करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी का कोई धन डूबा नहीं है।
श्री कुन्हीकृष्णन ने करीब एक करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया है। इसमें 2016 में मारे गये पार्टी सदस्य सीवी धनराज के लिए इकट्ठा किये गये पैसे, चुनावी खर्च और पय्यनूर क्षेत्र समिति कार्यालय का निर्माण शामिल है, जिसमें पय्यनूर के विधायक टी आई मधुसूदनन समेत पार्टी के अन्य नेता शामिल थे।
श्री राघेश ने कहा कि पार्टी की आंतरिक समिति ने अप्रैल 2022 की शुरुआत में ही आरोपों की विस्तृत जांच की थी। उसे गबन का कोई सबूत नहीं मिला।
पय्यनूर में श्री कुन्हीकृष्णन के समर्थन और विरोध में पोस्टर दिखे। माकपा कार्यकर्ताओं ने उनके वेल्लूर घर के बाहर नारे लगाते और पटाखे फोड़ते विरोध मार्च निकाला। उस समय दोपहर के करीब श्री कुन्हीकृष्णन घर पर नहीं थे। वह पय्यनूर में शहीद धनराज के रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए गये हुए थे।
श्री कुन्हीकृष्णन के घर की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गयी है। इस घटना से कन्नूर जिले के माकपा के मजबूत इलाके पय्यनूर में तनाव पैदा हो गया है। पुलिस ने 25 जनवरी को पय्यनूर विधायक के कार्यालय तक मार्च निकालने वाले कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमलों के सिलसिले में क्षेत्रीय सचिव पी संतोष समेत 18 माकपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस बीच श्री कुन्हीकृष्णन ने कहा है कि 'नेथक्कले थिरुथन अनिकल' (नेताओं को सही करने वाले कार्यकर्ता) नामक एक किताब इस हफ्ते जारी होगी, जिसमें कथित आर्थिक गड़बड़ियों का ब्यौरा होगा।
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