भोपाल , मार्च 18 -- मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा मार्च माह में बार-बार कर्ज लेने को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तीखी आलोचना की है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने जारी बयान में कहा कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 17 मार्च को तीसरी बार 4100 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 3 मार्च को 6300 करोड़ और 10 मार्च को 5800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। इस प्रकार मात्र 17 दिनों में कुल 16200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार के पास वित्तीय प्रबंधन और योजना का अभाव है तथा वह एक माह के संचालन के लिए भी कर्ज पर निर्भर हो गई है। उन्होंने इसे "भाजपाई विकास मॉडल" बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
श्री सिंह ने कहा कि जब सरकार को एक ही महीने में तीन बार कर्ज लेना पड़ रहा है, तो हाल ही में विधानसभा में प्रस्तुत बजट की उपयोगिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का कुल कर्ज पहले ही वार्षिक बजट से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। माकपा नेता ने कहा कि सरकार की कथित नीतियों और निर्णयों का बोझ अंततः आम जनता पर पड़ेगा और बढ़ते कर्ज का भुगतान जनता को ही करना होगा।
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