बेंगलुरु , फरवरी 10 -- इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मंगलवार को कहा कि यूएस-इंडिया स्पेस बिज़नेस फोरम के मुख्य मंच पर लगभग 80 प्रतिशत प्रतिभागियों का महिला होना इस बात का संकेत है कि भारत एक विकसित और प्रगतिशील समाज के रूप में आगे बढ़ रहा है।
फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष एवं उच्च प्रौद्योगिकी से जुड़े मंच पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान रहे हैं। लेकिन इस बार का दृश्य बदलाव का स्पष्ट संकेत देता है, जहां अंतरिक्ष व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम विषयों पर महिलाएं नेतृत्व करती नजर आईं।
उन्होंने कहा, "जब हम अंतरिक्ष क्षेत्र में व्यापारिक अवसरों की बात करते हैं और देखते हैं कि महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं, तो यह हमारे समाज की प्रगति की दिशा को दर्शाता है।"इसरो प्रमुख ने कहा कि भारत लंबे समय से महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और फोरम में रणनीतिक तथा निर्णयकारी भूमिकाओं में महिलाओं की मजबूत भागीदारी उसी प्रयास का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भागीदारी केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि उभरती वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में वास्तविक नेतृत्व का परिचायक है।
श्री नारायणन ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी से विकसित हो रहा अंतरिक्ष क्षेत्र समावेशी और मानव-केंद्रित होना चाहिए, जहां सभी हितधारकों को समान अवसर मिलें।
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