नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण में रोड़ा अटकाने के लिए बहाने तलाश रहा है और इसे परिसीमन से जोड़कर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।

भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, और उससे जुड़े दो अन्य विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह विधेयक ऐतिहासिक है। इससे पहले करीब छह बार यह विधेयक सदन में आया और इसे जानबूझकर पारित नहीं किया गया। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने तो इस विधेयक को फाड़कर विधेयक को अटकाने का काम किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से ही नारी वंदन अधिनियम को सदन में पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष परिसीमन के बहाने महिला आऱक्षण विधेयक का विरोध कर रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण विधेयक को रोकना चाहती है। विपक्ष दक्षिण भारत के लोगों को इस विधेयक के माध्यम से गुमराह कर रही है। इस परिसीमन के माध्यम से छोटे राज्यों को फायदा होगा।

उन्होंने विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि परिसीमन का क्रियाकलाप पिछले दरवाजे से नहीं बल्कि संविधान के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शासन व्यवस्था अच्छी और लोगों की पहुंच निर्वाचित प्रतिनिधि तक आसान बनाने के लिए परिसीमन किया जा रहा है। विपक्ष का आरोप बेबुनियाद है। मोदी सरकार संवैधानिक दायित्वों को निर्वाहन कर रही है। मोदी सरकार टालने की नीति में विश्वास नहीं करती है बल्कि समस्याओं का समाधान करती है।

भाजपा नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्तर साल के अस्थाई प्रावधान को समाप्त कर दिया क्योंकि हम टाल मटोल की राजनीति नहीं करते हैं। परिसीमन से अधिक सीटे सभी राज्यों को मिलेगी जो बहुत ही व्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को सीटें बढ रही है इसलिए बेबुनियाद आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विधेयक पर कोई समझ नहीं है इसलिए वह सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रहे है। परिसीमन में दक्षिण के राज्यों के लिए सबसे बेहतर है। कांग्रेस जिस प्रकार का तर्क दे रही है उस पर हंसी आती है। कांग्रेस मुद्दों हल करने के बजाय उसे स्थगित करने का काम करती रही है।

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