हैदराबाद , अप्रैल 15 -- राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के अध्यक्ष आर. कृष्णैया ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के तहत पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए उप-कोटा तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब संसद में एक अलग 'पिछड़ा वर्ग विधेयक' पेश किया जाए।
भाजपा सांसद ने हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए बताया कि इन मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई एक बैठक में प्रधानमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
श्री कृष्णैया ने महिला आरक्षण विधेयक को एक ऐतिहासिक कदम बताया, लेकिन इस बात पर चिंता व्यक्त की कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी राजनीति में पिछड़ों का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के अनुपात में बहुत कम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित जाति जनगणना और पिछड़ा वर्ग वर्गीकरण से आरक्षण और लक्षित कल्याणकारी उपायों का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने विधायी निकायों में पिछड़ों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, शिक्षा और रोजगार में कोटा बढ़ाने और केंद्र में एक समर्पित बीसी मंत्रालय की स्थापना सहित कई प्रमुख मांगें रखीं।
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