कोंडागांव , मई 01 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों की "अवसरवादी राजनीति" को बेनकाब करने का आरोप लगाया है।
पार्टी ने अपने बयान में महिला आरक्षण विधेयक की प्रमुख सूत्रधार और संयुक्त संसदीय समिति की पूर्व अध्यक्ष कामरेड गीता मुखर्जी के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि 1996 में उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया यह विधेयक आज भी अधूरा है, जबकि सत्ताधारी और विपक्षी दल इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
सीपीआई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इस विधेयक को अंतिम रूप नहीं दिया, वहीं भाजपा ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के नाम पर इसे पारित कराकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की, लेकिन इसके वास्तविक क्रियान्वयन को परिसीमन जैसी शर्तों से जोड़कर टाल दिया।
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