पलक्कड़ , अप्रैल 02 -- भारतीय जनता पार्टी भाजपा) कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बुधवार रात पलक्कड़ चुनाव क्षेत्र में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के उम्मीदवार रमेश पिशारडी के चुनाव प्रचार को रोक दिया, जिससे चुनाव के इस अहम समय में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की प्रदेश महासचिव और राजग उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन श्री पिशारडी की उन टिप्पणियों के खिलाफ था, जो उन्होंने हाल ही में यौन उत्पीड़न के एक मामले में फिल्म निर्देशक रंजीत की गिरफ्तारी को लेकर की थीं। उन्होंने श्री पिशारडी पर इस गंभीर मुद्दे को हल्का बनाने का आरोप लगाया।

यह घटना एक अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे वडक्कनथरा के पास मनकलथोडी में एक मंदिर के पास हुई। उस समय श्री पिशारडी, मंडल अध्यक्ष अनिल बालन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत वहां पहुंचे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वडक्कनथरा वार्ड पार्षद सिंधु राजन के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं के समूह ने उन्हें वार्ड में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसे भाजपा का गढ़ माना जाता है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

श्री पिशारडी ने घेराव की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में उम्मीदवारों को सभी क्षेत्रों में वोट मांगने का अधिकार है। तनाव को देखते हुए बाद में यूडीएफ की टीम वहां से हट गयी। केरल में नौ अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए राजग, यूडीएफ और एलडीएफ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इस घटना ने चुनाव क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।

उन्होंने सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनके रुख को महिलाओं की गरिमा के प्रति असंवेदनशील बताया।

इस बीच एलडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार एनएमआर रजाक ने श्री पिशारडी के प्रति एकजुटता जाहिर की। उन्होंने चुनाव प्रचार में रुकावट डालने की निंदा करते हुए इसे केरल की राजनीतिक संस्कृति और स्वतंत्र रूप से चुनाव प्रचार करने के लोकतांत्रिक अधिकार के खिलाफ बताया।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने इस घटना को असहिष्णुता का प्रतीक बताया और दावा किया कि ऐसी हरकतें चुनाव क्षेत्र में यूडीएफ के प्रति बढ़ते समर्थन को दर्शाती हैं।

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