चंडीगढ़ , अप्रैल 19 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
श्री सैनी ने रोहतक में रविवार को संवाददाताओं से कहा कि संसद में "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" का विरोध कर विपक्षी दलों ने महिलाओं के हक पर चोट पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने वर्षों तक महिला आरक्षण के नाम पर केवल दिखावा किया और महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने से बचती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस विधेयक का विरोध किया और महिलाओं के सशक्तिकरण के ऐतिहासिक अवसर को खो दिया।
श्री सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य महिलाओं को विधायिका में जल्द से जल्द 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देना है, ताकि वे 2029 के आम चुनावों में प्रभावी भागीदारी निभा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया के कारण पहले यह लागू नहीं हो सका, लेकिन अब सरकार इसे आगे बढ़ाने केलिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्ष पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य का नुकसान नहीं होगा, बल्कि सभी राज्यों में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से विपक्ष को अपनी राजनीति कमजोर पड़ने का डर है। अमित.श्रवण वाता्रमीडिया के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित