देहरादून , मार्च 09 -- उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा है कि राज्य सरकार और महिला आयोग प्रदेश की महिलाओं के अधिकारों की राक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सुश्री कंडवाल ने सोमवार को यहां सुभाष रोड स्थित मीडिया सेंटर मे आयोजित प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आयोग की तरफ से सोशल मीडिया पर महिलाओं से संबंधित घटनाओं और समस्याओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में सामने आए अधिकतर मामलों में संबंधित पक्ष एक-दूसरे के परिचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों के लिए बच्चों की गतिविधियों की निगरानी करना अत्यंत आवश्यक है।

सुश्री भट्ट ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की घटना या समस्या की जानकारी निशुल्क दूरभाष नंबर 112 पर दें,साथ ही गौरा शक्ति ऐप डाउनलोड करने तथा आयोग के दूरभाष नंबर पर संपर्क करने की भी सलाह दी।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग द्वारा पारिवारिक विवादों के समाधान और महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 13 जिलों में 13 मार्च तक महिला जनसुनवाई' कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित