भोपाल , दिसंबर 22 -- मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि महिलाओं का सशक्तिकरण करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुश्री भूरिया ने आज यहां मंत्रालय में अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक में कहा है कि बाल विवाह रोकने के सार्थक प्रयास के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी विद्यार्थियों को समाज की कुरीतियों को दूर करने और रोकने के लिये जागरूक किया जाये। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं आदिम जाति विभाग के संयुक्त प्रयास से कामकाजी महिला हॉस्टल की प्रदेश के हर जिले में स्थापना की जाये, ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और बेहतर किया जा सके। साथ ही बैठक में महिलाओं के उत्थान और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिये 21 विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और आगामी कार्य-योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा देने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में पोषण अभियान, आंगनबाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।
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