नयी दिल्ली , मार्च 02 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि महिलाएं समाज का अहम हिस्सा हैं और वे राजनीति, समाज सेवा, प्रशासन तथा व्यापार जगत समेत सभी क्षेत्रों में नई ऊंचाईयों को छू रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को यहां 'सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली' के दिल्ली सरकार की महिलाओं से संबंधित चार योजनाओं का शुभारंभ करने के बाद कहा कि आज यहां कहा कि महिलाएं समाज का अहम हिस्सा हैं। उनका सम्मान, सशक्तीकरण सभ्य समाज की निशानी है। भारत का इतिहास महिलाओं की साहस, वीरता और त्याग और बलिदान की अनगिनत कथाओं से भरा हुआ है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के कुशल प्रशासन, न्याय परायणता एवं कल्याणकारी कार्यों का आज भी गुणगान किया जाता है। रानी लक्ष्मीबाई का साहस, मातृभूमि के लिए उनका बलिदान आज भी हम सभी देशवासियों के हृदय में प्रेरणा के दीप जलाते हैं। सावित्री बाई फुले ने महिला शिक्षा की ज्योति जगायी थी। रानी गाइदिन्ल्यू और सरोजनी नायडू जैसी महिला स्वाधीनता सेनानियों ने भारत माता का गौरव बढाया है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ रही है। सैनिक के रूप में देश की सीमाओं की सेवा कर रही है। वैज्ञानिक के रुप में प्रयोगशालाओं में शोध कर रही है। खेल प्रतिस्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहरा रही है। राजनीति, समाज सेवा तथा प्रशासन तथा व्यापार जगत समेत सभी क्षेत्रों में महिलाएं नई उंचाई को छू रही है। उन्होंने कहा कि देश भर के दीक्षांत समारोहों में उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की बढती संख्या हमारे लिए प्रेरणा दायक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि इन सबके बावजूद यह भी एक सच्चाई है कि महिलाएं आज भी हिंसा, आर्थिक असमानता और सामाजिक रुढियां और स्वास्थ्य संबधी उपेक्षाओं का सामना कर रही है। इन बाधाओं को दूर करके ही महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। वास्तव में महिला तब सशक्त होंगी जब उसमें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता हो और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की आकांक्षा हो और समान अवसर एवं सुरक्षा उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बल्कि समाज और आने वाली पीढियों की दिशा बदल सकती है।

उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दी जा रही है। लखपति दीदी योजना जैसी पहलों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना जैसी पहल महिलाओं के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण, समान वेतन अधिकार और संपत्ति में अधिकार के लिए भी अनेक सुधार किये गये हैं। यह बहुत प्रसन्नता का विषय है कि सरकार ने महिला सशक्तीकरण से आगे बढर वुमेन लीड डवलपमेंट की दिशा में अनेक कदम उठाये गये हैं। महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में उनके लिए सीटें आरक्षित की गयी हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है जो भविष्य में महिला नेतृत्व द्वारा विकास का आदर्श प्रस्तुत करेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बेहतर हो रही है लेकिन हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि महिला सशक्तीकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित बनाना, उनका आत्मविश्वास बढाना और उनको प्रोत्साहन एवं सहयोग देना हम सब का कर्तव्य है। हमें अपनी बेटियों को यह विश्वास दिलाना है वे सपने देखें और उन्हें पूरा करने की क्षमता रखती हैं तथा हम उनके सपनों का साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। जब एक बेटी सक्षम बनती है तो पूरा समाज मजबूत होता है। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसा विकसित राष्ट्र जहां सभी नागरिकों को समान अवसर, समान अधिकार और समान सम्मान मिले। देश की आधी जनसंख्या को सशक्त बना कर ही इस लक्ष्य की प्राप्ति संभव है।

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है। यहां देश के हर राज्य और क्षेत्र के लोग रहते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व प्रदान करेंगी तब पूरे देश में सकारात्मक संदेश जायेगा। मैं दिल्ली की महिलाओं से अनुरोध करुंगी कि वे पूरे आत्मविश्वास, लगन और मेहनत से अपने जीवन में आगे बढें और समृद्ध दिल्ली के निर्माण में अपना योगदान दें।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की बेटियां समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपना पूरा योगदान दे सके इसके लिए जरूरी है कि सरकार और समाज उन्हें आगे बढाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करें। उन्हें एक ऐसा वातावरण मिले जिसमें वे बिना दवाब या भय के अपने जीवन के बारे में स्वतंत्र निर्णय ले सकें। एक ऐसे आदर्श समाज का निर्माण करना आवश्यक है जहां कोई भी बेटी या बहन किसी भी समय कहीं भी अकेले जाने में और कहीं भी रहने में नहीं डरे। ऐसे परिवेश में जो आत्मविश्वास उत्पन्न होगा वह दिल्ली को और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जायेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि सभी दिल्ली वासियों को संकल्प लेना चाहिए कि वे महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, बेटियों को समान अवसर प्रदान करेंगे और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। ऐसा करके हम दिल्ली की नारी को सशक्त नारी के रूप में पहचान दिला सकेंगे। यही सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली की आधारशिला है।

राष्ट्रपति ने जिन चार योजनाओं का शुभारंभ किया उनमें पिंक स्मार्ट कार्ड, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना, दिल्ली लखपति बिटिया योजना और मेरी पूंजी मेरा अधिकार शामिल है। राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) योजना के तहत पिंक कार्ड दिल्ली निवासी पात्र महिलाओं के लिए होगा, जबकि ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया जाएगा।

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