महासमुंद , मई 11 -- ) छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के सरायपाली प्रखंड अंतर्गत जलगढ़ पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित 47 लाख रुपये की पानी टंकी निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला आज सामने आया है।
निर्माण पूर्ण होने से पहले ही टंकी में भारी लीकेज शुरू हो गया, जिससे चारों ओर से पानी झरने की तरह बहने लगा। लगभग 1000 लोगों की आबादी वाले इस गांव में वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पानी टंकी निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था, जिसे वर्ष 2026 तक भी ठेकेदार द्वारा पूर्ण नहीं किया गया। लंबे इंतजार के बाद ग्रामीणों ने पंचायत के सहयोग से स्वयं खर्च कर टंकी में पानी भरवाया, ताकि घर-घर नल से जल की सुविधा मिल सके, लेकिन पानी भरते ही टंकी से बड़े पैमाने पर रिसाव शुरू हो गया।
इस स्थिति को देखकर ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फिर गया और क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री और लापरवाही बरती गई है, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
इस मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) खिलेश साहू ने बताया कि पूर्व में भी ठेकेदार की लापरवाही और कार्य में देरी को देखते हुए उसकी निविदा निरस्त करने के लिए उच्च कार्यालय को पत्र भेजा गया था। अब पानी टंकी में घटिया निर्माण का मामला सामने आने पर जांच कर दोषियों से राशि की वसूली की जाएगी।
बरहाल जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का उद्देश्य जहां प्रभावित हो रहा है, वहीं इस मामले ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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