वाराणसी , फरवरी 15 -- धार्मिक नगरी काशी में महाशिवरात्रि पर्व पर देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे हैं। रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया। रविवार की भोर में मंगला आरती के बाद से ही विश्वनाथ धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिर के बाहर सड़कों पर दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। शिवमय काशी में हर ओर 'हर हर महादेव' के उद्घोष गूँज रहे हैं।

मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि बाबा विश्वनाथ को देश-विदेश के विभिन्न मंदिरों से पावन उपहार प्राप्त हुए हैं। विशेष बात यह है कि मलेशिया और श्रीलंका के मंदिरों सहित भारत के अलग-अलग कुल 62 मंदिरों से ये उपहार अब तक पहुँच चुके हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा एक अद्वितीय और अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारंभ किया गया है।

इस पहल के अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों तथा प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल और श्रद्धा उपहार अर्पित करने की परंपरा शुरू की गई है। इन 62 मंदिरों में तमिलनाडु के श्री रत्नगिरिस्वरर मंदिर (चेन्नई), श्री अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर (चेन्नई), तेन सबनायकर मंदिर (कोविलूर) तथा अन्य कई मंदिर शामिल हैं। इसी प्रकार, मथुरा से श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जम्मू-कश्मीर से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, मलेशिया से श्री महा मरिअम्मन मंदिर, उत्तराखंड से श्री केदारनाथ, मुंबई से लालबागचा राजा और श्री सिद्धिविनायक मंदिर, गुजरात से द्वारकाधीश मंदिर, श्रीलंका से श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर (कोलंबो) तथा राजस्थान से नाथद्वारा मंदिर (उदयपुर) से भी पावन प्रसाद और भेंट काशी विश्वनाथ धाम पहुँच चुकी हैं।

इन भेंटों में विभिन्न तीर्थस्थलों का पवित्र जल, पूजित पुष्पमालाएँ, रज, चंदन, वस्त्र तथा अन्य पूजनीय सामग्री शामिल है। भक्तों को छह द्वारों से दर्शन कराए जा रहे हैं। श्री मिश्र ने बताया कि भीड़ को देखते हुए भक्तों को सुगम झाँकी दर्शन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने भक्तों से अपील की है कि भीड़ के कारण खाली पेट दर्शन के लिए न आएँ।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया, "महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर वाराणसी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सकारात्मक अनुभव प्रदान करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुव्यवस्थित यातायात तथा शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न संवेदनशील एवं प्रमुख स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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