पुणे , मार्च 03 -- भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के अखिल भारतीय अध्यक्ष एस. मल्लेशम ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये चार श्रम संहिताओं में से बीएमएस ने वेतन संहिता एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता का स्वागत किया है और उन्हें तत्काल और प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है।यहां महालक्ष्मी लॉन्स में सांसद मेधा कुलकर्णी की उपस्थिति में आयोजित महाराष्ट्र विद्युत संविदा श्रमिक संघ के छठे त्रिवार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए श्री मल्लेशम ने केंद्र सरकार से पूरे देश में एक समान न्यूनतम मजदूरी की घोषणा करने की मांग भी की।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बीएमएस ने पेंशन फंड में वृद्धि और ईएसआईसी योजना की पात्रता सीमा को 21,000 रुपये से बढ़ाकर 42,000 रुपये करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन मांगों को पूरा करवाने के लिए 25 फरवरी को राष्ट्रव्यापी 'सरकार जगाओ' आंदोलन किया गया था।

सुश्री कुलकर्णी ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि वह इस फैसले के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगी। उन्होंने बिजली कंपनियों से आग्रह किया कि वे तत्काल बैठकें आयोजित करें और श्रमिकों के मुद्दों का समाधान बातचीत के माध्यम से करें। स्थिति को आंदोलन में तब्दील न होने दें, क्योंकि बिजली अनुबंध श्रमिक संघ एक रचनात्मक विचारधारा रखता है।

एमएसईडीसीएल (महावितरण) के निदेशक राजेंद्र पवार सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कंपनी अदालत के फैसले का सावधानीपूर्वक अध्ययन करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उनके कर्मचारियों के साथ कोई अन्याय न हो।

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