मुंबई , मार्च 18 -- महाराष्ट्र के करीब 17 लाख सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी के विरोध में 21 अप्रैल, 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
कर्मचारी संगठनों की समन्वय समिति ने बुधवार को राज्य सरकार को इस आशय की औपचारिक सूचना दे दी है, जिसमें शिक्षकों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल होंगे।
समन्वय समिति के संयोजक विश्वास काटकर ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हुई पिछली बैठकों में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
राज्य सरकार ने केंद्र के मॉडल के अनुरूप संशोधित पेंशन योजना को 1 मार्च, 2024 से लागू करने की मंजूरी दी थी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि लंबा समय बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना, नियम या प्रक्रिया जारी नहीं की गई है। इसके चलते 1 मार्च, 2024 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति है और उन्हें वित्तीय अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
पेंशन के अलावा कर्मचारियों ने रिक्त पदों को भरने, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र उम्मीदवारों को अनुकंपा नियुक्तियां देने जैसी मांगें भी उठाई हैं। संगठन ने सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 वर्ष करने और शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए 10:20:30 की सुनिश्चित करियर प्रगति योजना लागू करने की मांग की है।
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