मुंबई , मार्च 31 -- महाराष्ट्र के नासिक जिले के स्वयंभू बाबा अशोक खरात का मामला राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है।
बाबा के 100 से ज़्यादा यौन उत्पीड़न वीडियो और वित्तीय धोखाधड़ी के चौंकाने वाले खुलासों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गयी है।
श्री सपकाल ने आज इस मामले पर श्रीमती तटकरे की कथित "चुप्पी" के लिए उनकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने मंत्री पर "लापता" होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामले (जैसे खरात मामला और आदर्श म्हात्रे मामला) बढ़ रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्री ने इन गंभीर घटनाओं के संबंध में कोई बयान क्यों नहीं दिया, कोई विभागीय बैठक क्यों नहीं की, या पुलिस महानिदेशक से मुलाकात क्यों नहीं की।
श्री सपकाल ने टिप्पणी की कि अगर मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझती हैं, तो उन्हें सिर्फ "मंत्री की कुर्सी पर काबिज रहने" के बजाय इस्तीफा देकर घर बैठ जाना चाहिए।
इन आरोपों का जवाब देते हुए, श्रीमती तटकरे ने सोशल मीडिया पर सरकार के रुख का बचाव किया और अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने दावा किया कि सरकार शुरू से ही सक्रिय रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में, तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया गया और अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया गया।
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