शिवपुरी , दिसंबर 27 -- शिवपुरी जिले के ग्राम सेवाड़ा के लगभग 15 आदिवासी मजदूरों को मजदूरी के लिए ले गए व्यक्ति के चंगुल से शिवपुरी पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से मुक्त कराकर आज सकुशल उनके गांव वापस पहुंचाया।
पुलिस सूत्रों ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ को 24 दिसंबर को अशोक आदिवासी सहित अन्य आदिवासियों ने सामूहिक रूप से शिकायत की थी कि महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में गन्ने के खेतों में मजदूरी कराने के लिए एक ठेकेदार पूर्व में उनके गांव आया था। उसने गांव के निलेश आदिवासी से बातचीत कर लगभग 25 आदिवासी मजदूरों को सोलापुर जिले ले गया था।
सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ मजदूर बीच में ही अपने गांव लौट आए थे, जबकि निलेश आदिवासी वापस आ गया और वहां रह गए मजदूरों की मजदूरी भी लेकर आ गया। शेष मजदूरों के पास करीब 1400 किलोमीटर की दूरी तय कर गांव लौटने के लिए पैसे नहीं थे, जिस पर उन्होंने फोन के माध्यम से परिजनों को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने तत्काल सोलापुर के पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी से संपर्क किया। उनके निर्देश पर संबंधित एसडीओपी और थानों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। ग्राम सेवाड़ा थाना सुभाषपुरा, जिला शिवपुरी के थाना प्रभारी राजीव दुबे ने संबंधित थाना पुलिस से समन्वय स्थापित किया।
इसके बाद शिवपुरी पुलिस ने मजदूरों को वापस लाने के लिए वाहन की व्यवस्था की और महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के ग्राम प्राची किरोली, थाना पंढरपुर से लगभग 15 आदिवासी मजदूरों को, जिनमें महिलाएं और युवक भी शामिल हैं, सकुशल शिवपुरी जिले के ग्राम सेवाड़ा लाया गया। सूत्रों के अनुसार शिवपुरी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सभी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।
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