मुंबई , जनवरी 15 -- बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को सुबह 07.30 बजे शुरू हुआ।
मतदान के लिए शहर के 227 वार्ड में सुबह-सुबह कतारें लग गईं। चुनाव मैदान में लगभग 1,700 उम्मीदवार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हालांकि कई मतदाताओं ने महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग की ऑनलाइन सर्विस तक पहुंचने में दिक्कतों की रिपोर्ट की, जिसके बाद मतदान में रुकावट आई। कई लोगों ने शिकायत की कि राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट काम नहीं कर थी, जिससे वे मतदाता सूची में अपना नाम चेक नहीं कर पा रहे थे और मतदान पर्ची डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे। मतदाताओं ने कहा कि पोर्टल पर डेटा उपलब्ध नहीं है के संदेश आ रहे थे जिससे पोलिंग स्टेशनों के बाहर हेल्प डेस्क पर अव्यवस्था हो रही थी।
इस दौरान कई मतदाताओं ने कहा कि उनके नाम रजिस्टर होने के बावजूद वे अपनी जानकारी ऑनलाइन नहीं ढूंढ पा रहे थे और उन्हें मतदान बूथ पर छपी मतदाता सूची पर निर्भर रहना पड़ा। इससे देरी और परेशानी हुई, कुछ वोटरों ने बूथ की जगह बदलने और मतदान केन्द्र एक होने की वजह से अपने तय मतदान केन्द्रों को ढूंढ़ने में मुश्किलों के बारे में बताया। इन मुद्दों पर आक्रोश सोशल मीडिया पर भी फैल गया। राजनीतिक नेताओं और नागरिकों ने मतदान के दिन वेबसाइट बंद होने के लिए चुनाव अधिकारियों की आलोचना की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांडे ने आरोप लगाया कि वेबसाइट फेल होने की वजह से मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में ढूंढने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि बूथ पुनर्निर्धारण की वजह से ऐसे हालात बने जहां परिवार के सदस्यों को अलग-अलग मतदान केन्द्र दिए गए।
कई दूसरे मतदाताओं ने भी ऑनलाइन ऐसी ही शिकायतें कीं, जिसमें कहा गया कि मतदान पर्ची न होने और मतदाता सूची को लेकर भम्र की वजह से मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर वापस भेज दिया गया या देर हो गई। कुछ मतदाताओं ने कहा कि उन्हें लंबी छपी हुयी मतदाता सूची में नाम ढूंढने से सुबह के व्यस्त घंटों में मतदातन प्रक्रिया धीमी हो गयी।
इस बीच राज्य सरकार ने शहर के 1.03 करोड़ मतदाताओं को वोट देने के लिए बढ़ावा देने के लिए पूरे मुंबई में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि चुनाव कराने के लिए 64,000 से ज़्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है और शहर भर में 10,000 से ज़्यादा मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।
मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के कड़े के इंतज़ाम किए गए है और 28,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। मतदान केन्द्रों पर महिलाओं द्वारा नियंत्रित किए जाने वाले ''पिंक बूथ'' और वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों के लिए खास इंतज़ाम भी किए गए हैं। मतदान शाम 17.30 बजे तक चलेगा। मतदान खत्म होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सुरक्षित क्षेत्रीय केन्द्रों पर ले जाया जाएगा। मतगणना 16 जनवरी को सुबह 10.00 बजे शुरू होगी और शाम तक नतीजे आने की उम्मीद है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित