मुंबई , जनवरी 26 -- देश का 77वां गणतंत्र दिवस पूरे महाराष्ट्र में बड़े उत्साह एवं धूमधाम से मनाया गया, जिसमें प्रमुख स्थानों पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए और नेताओं ने संविधान, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को दोहराया।

मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनसे संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने का आह्वान किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे के साकेत मैदान में तिरंगा फहराया जबकि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे में ध्वजारोहण किया जहां मुख्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया।

नेताओं ने गणतंत्र दिवस के महत्व को भारत की एकता, अखंडता एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया। भारत की समृद्ध विरासत एवं विविधता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए गए जिससे उत्सव का माहौल और भी बढ़ गया।

पुणे में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया जिसमें ध्वजारोहण और एक भव्य परेड शामिल था। सभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री और पुणे जिला पालक मंत्री अजीत पवार ने कहा कि भारत अपने संविधान की शक्ति के कारण विश्व का सबसे बड़ा और सबसे सफल लोकतंत्र बना हुआ है जो विभिन्न भाषाओं, धर्मों, जातियों और संस्कृतियों के लोगों को एकजुट करता है।

श्री पवार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर जन प्रतिनिधियों, स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों, सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले ज्ञात एवं अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ गोवा मुक्ति आंदोलन, हैदराबाद-मराठवाड़ा मुक्ति आंदोलन और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों एवं वीरता एवं सेवा पदकों का उल्लेख करते हुए श्री पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की विशिष्ट हस्तियों का इसमें शामिल होना राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड, सुधारात्मक सेवाएं, कला, उद्योग, सामाजिक सेवा, खेल, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों के पुरस्कार विजेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार आंदोलनों में पुणे की ऐतिहासिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला और इसे एक निर्णायक एवं प्रेरणादायक विरासत वाला शहर कहा।

श्री पवार ने कहा कि पुणे जिला कृषि, उद्योग, व्यापार, सहकारिता, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा एवं अवसंरचना के क्षेत्र में विकास में अग्रणी है। आईटी हब, ऑटो हब और प्रमुख स्टार्टअप केंद्र होने के कारण पुणे भारत और विदेश के युवाओं एवं निवेश को लगातार आकर्षित कर रहा है। उन्होंने भारत रत्न डॉ. बी. आर. अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित भारतीय संविधान को महज एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली साधन कहा। उन्होंने कहा कि संविधान समान अधिकार, अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता तथा सामाजिक न्याय की गारंटी देता है जिससे भारतीय लोकतंत्र मजबूत होता है।

उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले और डॉ. अंबेडकर के विचार राज्य की प्रगति में मार्गदर्शक शक्ति बने हुए हैं और राज्य एवं राष्ट्र दोनों के सतत विकास की कुंजी हैं।

उपमुख्यमंत्री ने भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों की अनुकरणीय सेवा की सराहना करते हुए सीमाओं पर उनके बलिदान, आंतरिक सुरक्षा के प्रति समर्पण और आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया का उल्लेख किया।

समारोह के दौरान, श्री पवार ने उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया जिनमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पुणे इकाई, एसआरपीएफ ग्रुप नंबर 1, पुणे और पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस इकाइयों के अधिकारी शामिल थे।

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