मुंबई , दिसंबर 18 -- महाराष्ट्र के मंत्री माणिकराव कोकाटे ने गुरूवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसे उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भेज दिया है।
श्री कोकाटे ने एक चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर काम जारी रखने के लिए अपनी सज़ा पर रोक लगाने को लेकर बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए न्यायालय तैयार हो गया।
गौरतलब है कि निचली अदालत ने श्री कोकाटे को 1995 के जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में दो साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।। नासिक सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के 20 फरवरी के आदेश को बरकरार रखते हुए मंगलवार को कहा था कि श्री कोकाटे ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित फ्लैट आवंटित कराने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किये और राज्य सरकार को धोखा दिया जबकि वे एक समृद्ध किसान हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, आपराधिक मामले में दो साल या उससे ज़्यादा की जेल की सज़ा पाने वाले चुने हुए प्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।
श्री कोकाटे का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता एवं उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री और मेरी पार्टी के सहयोगी माणिकराव कोकाटे ने अदालत के फैसले के बाद मुझे अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हमारी पार्टी की पुरानी सोच के अनुसार कि कानून का राज सर्वोपरि है और सभी व्यक्तियों से ऊपर है। इस्तीफा सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
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