नागपुर , जनवरी 15 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि व्यक्तिगत हितों से परे जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
श्री भागवत ने नागपुर नगर निगम चुनाव में सुबह करीब 7:30 बजे शहर के महल इलाके के एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का असाधारण महत्व है और चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना हर नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है। जो उम्मीदवार सही लगे उसे वोट देना और चुनाव के दिन मतदान केंद्र तक पहुंचना नागरिक की पहली जिम्मेदारी है तथा इसी सिद्धांत का पालन करते हुए वह सुबह-सुबह मतदान करने पहुंचे।
श्री भागवत ने नोटा (इनमें से कोई नहीं) के विकल्प पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सभी उम्मीदवारों को खारिज करने का प्रतीक है, लेकिन उपलब्ध विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना अधिक उचित है। उन्होंने महाभारत के उदाहरणों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अराजकता (शासन की अनुपस्थिति) सबसे खराब स्थिति है।
संघ प्रमुख ने कहा कि मतदान न करना या नोटा चुनना अप्रत्यक्ष रूप से अवांछनीय शक्तियों को लाभ पहुंचाता है। उन्होंने मतदाताओं से सोच-समझकर और व्यापक जनहित में मताधिकार का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि चुनाव आयोग और समाज के जिम्मेदार वर्गों द्वारा मतदाता जागरूकता के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
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