चंद्रपुर , दिसंबर 28 -- महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में रविवार को बाघ के अलग-अलग हमलों में दो मजदूरों की मौत हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों और मजदूरों में डर फैल गया है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों मजदूर बांस काटने गए थे। पीड़ितों की पहचान श्री बुदासिंह श्यामलाल मदावी (41) और श्री प्रेम सिंह दुखी उइके (55) के रूप में हुई है जाे मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी हैं। ये मजदूर वन विभाग द्वारा बफर क्षेत्र में बांस काटने के काम के लिए तैनात किए गए थे।
वन अधिकारियों के अनुसार, पहली घटना ममल रेंज के बीट नंबर 381 में हुई, जहां श्री मदावी जंगल में काम कर रहे थे तभी उनपर बाघ ने हमला कर दिया और उनकी मौत हो गई। लगभग 45 मिनट बाद, महादावाड़ी रेंज के बीट नंबर 357 में एक अन्य मजदूर श्री उइके पर भी बाघ ने हमला कर दिया और उनकी मौत हो गई।
इन घटनाओं के बाद आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों ने बफर जोन में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और वन विभाग की ऐसे हादसों को रोकने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं।
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