पुणे , फरवरी 01 -- केंद्रीय बजट को दूरदर्शी बताते हुए महाराष्ट्र के उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह बजट उद्योग, रोजगार और सामाजिक विकास के बीच संतुलन बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती देता है।
युवा उद्यमी पुनीत बालन ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोफार्मा, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों के लिए किए गए बड़े आवंटन भारत को वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, छोटे व्यवसायों, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों पर केंद्रित योजनाएं समावेशी विकास को गति देंगी। साथ ही खेलो इंडिया मिशन से खेलों के विकास को भी मजबूत बढ़ावा मिलेगा।
महाराष्ट्र को होने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए श्री बालन ने कहा कि यह बजट बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और सेवा क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। पुणे-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और पुणे-हैदराबाद रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राज्य के उद्योग, आईटी और शिक्षा क्षेत्रों को बड़ा फायदा पहुंचाएंगी।
इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत पाटिल ने बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के विजन का प्रभावी प्रतिबिंब बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट विकास, समावेशिता और सुशासन के बीच संतुलन स्थापित करेगा।
श्री पाटिल ने कहा कि बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि, शिक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर दिया गया जोर उल्लेखनीय है और सड़कों, रेलवे, लॉजिस्टिक्स व शहरी ढांचे के लिए आवंटन से आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
गेरा डेवलपमेंट्स के प्रबंध निदेशक रोहित गेरा ने बजट को विकास-उन्मुख और वित्तीय अनुशासन वाला संतुलित बजट बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारत की आर्थिक बुनियाद पर भरोसा और मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान और बेहतर कनेक्टिविटी से उभरते आवासीय बाजारों में नए अवसर पैदा होंगे और शहरी जीवन स्तर में सुधार आएगा।
दिल्ली पब्लिक स्कूल (वाराणसी, नासिक, लावा नागपुर और हिंजवड़ी) के प्रमोटर एवं चेयरमैन गौतम राजगढ़िया ने बजट को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन साथ ही भारत की शिक्षा प्रणाली की गहरी चुनौती की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा, "केवल पहुंच बढ़ाना समाधान नहीं है। जवाबदेही और मापने योग्य सीखने के परिणामों के बिना शिक्षा में वास्तविक बदलाव संभव नहीं है।"सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) की प्रो-चांसलर डॉ. विद्या येरवडेकर ने 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और डिजिटल स्किल्स पर केंद्रित कंटेंट क्रिएशन लैब स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे रचनात्मक और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाने की योजना लड़कियों की शिक्षा में पहुंच, सुरक्षा और निरंतरता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
इसके अलावा, विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्च के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित