महराजगंज , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दफ्तर में तैनात स्टोनो की संबद्धता अब समाप्त होगी।

इसके अलावा प्रदेश अन्य जिलों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के स्टोनो की संबद्धता समाप्त करने का निर्देश मुख्य अभियंता ने दिया है। यह कार्रवाई सूचना के अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अनिल कुमार गुप्ता की ओर से की गई शिकायत के आधार पर की गयी है। उनकी ओर से महराजगंज में सीडीओ दफ्तर में तैनात स्टोनो के तैनाती की शिकायत की गई थी। नियम के अनुसार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के स्टोनो की संबद्धता जिलों में नहीं हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निदेशक एवं मुख्य अभियंता इसम सिंह ने दो अप्रैल को पत्र जारी किया है। इसके अनुसार समस्त अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया गया है की संबद्ध कर्मिकों को कार्यमुक्त करते हुए जानकारी निदेशालय को दें। मुख्य अभियंता की ओर से जारी पत्र के बाद विभाग में खलबली मच गई है। लिपिक, सहायक अभियंता, जेई अलग अलग कार्यालयों में पारिवारिक तथा अन्य हालात को बताकर संबद्ध कराया गया है। इसमें मनचाहे स्थान पर तैनाती कराई गई है।

मुख्य अभियंता के निर्देश के बाद मलाईदार स्थानों पर तैनाती पाने वाले कर्मियों को मूल स्थान पर लौटना पड़ेगा। मामले का खुलासा तब हुआ, जब महराजगंज सीडीओ के स्टोनो की शिकायत हुई। स्टेनो आनंद श्रीवास्तव करीब पांच साल से सीडीओ के स्टेनो बने हुए हैं। शिकायत के बाद नियम कानून के हिसाब से तैनाती की प्रक्रिया का अनुचित करार दिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग महराजगंज प्रखंड में स्टेनो का पद सृजित नहीं है। नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए महराजगंज ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में तैनाती कराने के साथ ही सीडीओ कार्यालय में स्टेनो के पद पर काम काज करना शुरू कर दिया।

सूत्रों की मानें तो स्टेनो की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती में रकम वसूली का खेल किया गया था। इसके अलावा जरूरी जांच की फाइलों को लटकाए रखना आदत बन चुकी थी। विभाग भवन में सीडीओ कार्यालय को जाने वाले जरूरी फाइलों में अडंगा फंसाकर रकम के लेने देने का आरोप है। बरहाल, मामले में मुख्य अभियंता ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबद्धता को निरस्त करने का निर्देश दिया है। निर्देश में महराजगंज में नियम विरूद्ध तैनात स्टेनों की मुश्किल बढ़ सकती है। सूत्र बताते हैं की आदेश के बाद भी स्टेनो डटा हुआ है।

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