नागपुर , दिसंबर 13 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में आगामी नगरपालिका और जिला परिषद चुनावों से संबंधित फैसले केवल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से विचार-विमर्श के बाद ही किये जाएंगे।

श्री पवार ने नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में जोर देकर कहा कि भाजपा, शिवसेना के शिंदे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार) से मिलकर बने महायुति गठबंधन के लिए चुनावी रणनीतियां तीनों नेताओं के बीच समन्वय से तय की जाएंगी।

उन्होंने गठबंधन के खतरे में होने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि महायुति गठबंधन को नुकसान पहुंचेगा।"श्री पवार ने बताया कि नगरपालिका चुनावों की घोषणा अगले सप्ताह होने की उम्मीद है, लेकिन सीट बंटवारे या गठबंधन व्यवस्था को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्री पवार ने बताया कि महाराष्ट्र पर वित्तीय दबाव है, खासकर केंद्र द्वारा जीएसटी दरों में कटौती के कारण, जिससे राजस्व में अनुमानित 12,000-15,000 करोड़ रुपये की कमी हो सकती है। न्होंने कहा कि सरकार राज्य के राजस्व के 25 प्रतिशत से नीचे कर्ज स्तर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

हाल की भारी बारिश के जवाब में श्री पवार ने कहा कि प्रभावित किसानों और निवासियों के लिए लगभग 44,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि किसान कर्ज माफी पर उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद विचार किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने आगे पुष्टि की कि 'मुख्यमंत्री लाडली बहिन योजना' के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि को चुनावी घोषणा पत्र के वादे के अनुसार 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये किया जाएगा।

विधायी मामलों पर श्री पवार ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होने के कारण महाराष्ट्र में वर्तमान में दोनों सदनों में आधिकारिक विपक्ष के नेता (एलओपी) नहीं हैं और यह मामला स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

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