रायपुर, 25 मार्च 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े महादेव नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके कथित संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़ी करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर ली है, जिसकी जानकारी आज मीडिया को दी गयी।

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए ), 2002 के तहत रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 24 मार्च को की गई।

जांच एजेंसी के अनुसार, कुल 20 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और दो नयी दिल्ली में स्थित हैं। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपये आंकी गई है। दुबई के प्रमुख इलाकों में स्थित इन संपत्तियों में लग्जरी विला और हाई-एंड अपार्टमेंट शामिल हैं।

ईडी ने बताया कि ये सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म और उससे जुड़े अन्य अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहा था और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका विस्तार किया गया।

एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन कथित रूप से दुबई से किया जा रहा था, जहां से मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी पूरे सिस्टम को नियंत्रित करते थे। सट्टेबाजी के इस रैकेट में फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया गया था, जिसके तहत देशभर में "पैनल" बनाकर नेटवर्क फैलाया गया।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और लेयरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया। इसके लिए बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खातों और आम नागरिकों के केवाईसी का दुरुपयोग किया गया, जिसके जरिए धन को विदेश भेजकर संपत्तियों में निवेश किया गया।

ईडी ने अब तक इस मामले में देशभर में 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 74 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। साथ ही विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में पांच अभियोजन शिकायतें भी दायर की गई हैं।

एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 4336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

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